Connect with us

News

This article describes the real example of instant messaging platform and women power | इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और नारी शक्ति की वास्तविक मिसाल को बयां करता ये लेख

Published

on

  • Hindi News
  • Madhurima
  • This Article Describes The Real Example Of Instant Messaging Platform And Women Power

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

16 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

चर्चित चेहरा

द्रक्षायनम्मा

कर्नाटक में एक ग्राम पंचायत चिक्का यम्मीगनुरु की प्रधान हैं द्रक्षायनम्मा। उम्र 88 साल। रोज़ सुबह पांच बजे उठकर कामकाज का निरीक्षण करती हैं और ग्रामीणों की समस्याएं सुनती हैं। अपने इलाक़े की हर महिला को शौचालय उपलब्ध कराना और ग्रामीणों के लिए साफ़ पानी की व्यवस्था उनके प्रमुख लक्ष्य हैं। ख़ुद 1940 के दशक में सातवीं कक्षा तक पढ़ी थीं, अब बालिकाओं की शिक्षा के लिए विशेष प्रयत्नशील हैं। उनके तीन बेटे बैंक के सेवानिवृत्त क्षेत्रीय महाप्रबंधक, इंजीनियर और वकील हैं, जबकि तीन बेटियां गृहिणियां हैं। द्रक्षायनम्मा गांव में अकेली रहती हैं और सारे काम ख़ुद करती हैं। कुछ समय पहले तक अपने खेतों में काम भी करती थीं, हालांकि बढ़ती उम्र के साथ अब कामकाज की निगरानी ही करती हैं। उन्हें सेवा कार्यों के लिए पद की ज़रूरत भी नहीं। 2016 में जब गांव में पानी की क़िल्लत हुई, तो उन्होंने अपने आंगन में बोरवेल करवाकर सारे गांव में अपने ख़र्च पर पानी की लाइन बिछवाई थी। एक ऐसे समय में जब ‘सरपंच पतियों’ का बोलबाला है, द्रक्षायनम्मा नारी शक्ति की वास्तविक मिसाल हैं।

चर्चित शब्द
संदेश

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने ‘संदेश’ (Sandes) नामक एक इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो वॉट्सएप की तरह कार्य करता है। यह एप स्वदेशी रूप से विकसित उत्पादों का एक परितंत्र बनाने के लिए भारत निर्मित सॉफ्टवेयर के उपयोग को बढ़ावा देने की सरकार की रणनीति का हिस्सा है। संदेश एक गवर्नमेंट इंस्टेंट मैसेजिंग सिस्टम (जीआईएमएस) है, जिसमें ग्रुप बनाने, मैसेज भेजने, फॉरवर्ड करने और इमोजी जैसी प्रचलित सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही नहीं, उपयोगकर्ता इस एप पर किए गए चैट का बैकअप अपनी ईमेल आईडी पर भी ले सकते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए एक वैध मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी ज़रूरी होगी। यदि यूज़र बाद में फोन नंबर या ईमेल बदलना चाहें, तो उन्हें नए यूज़र के रूप में फिर से पंजीकरण कराना होगा। एक विशेष सुविधा यह भी है कि यदि आप किसी मैसेज को गोपनीय के रूप में चिह्नित करते हैं, तो पाने वाला उसे अन्य के साथ शेयर नहीं कर पाएगा। ग़ौरतलब है कि आधिकारिक संचार में विदेशी एप के इस्तेमाल से सुरक्षा व गोपनीयता संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। यह एप भारतीय आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क़दम है।

खबरें और भी हैं…

Source link

Trending

%d bloggers like this: