Connect with us

News

Take home loan insurance with home loan, give life to your loved ones | होम लोन के साथ लें होम लोन इंश्योरेंस, अपनों को दें सुकून भरी ज़िंदगी

Published

on

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

तरुण पाहवा16 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • अगर घर बनाने की ज़िम्मेदारी आपकी है, तो परिवार की सुरक्षा की एक और ज़िम्मेदारी पूरी कीजिए होम लोन के साथ होम लोन इंश्योरेंस लेकर।

व्यक्ति होम लोन लेकर घर बनाता है ताकि अपना एक आसरा बनाकर परिवार को सुकून भरी ज़िंदगी दे सके। पर होम लोन के साथ एक बड़ी देनदारी बन जाती है। कर्ज़ लेने वाले व्यक्ति की यदि मौत हो जाती है, तो कर्ज़ चुकाने की ज़िम्मेदारी परिवार के सदस्यों पर आ जाती है। होम लोन के साथ होम लोन इंश्योरेंस लेने से इस स्थिति से बचा जा सकता है। ये कितना फ़ायदेमंद है और कैसे काम करता है, आइए समझते हैं।

होम लोन बीमा पर असमंजस

जब आप होम लोन लेने के लिए बैंक जाते हैं, तो वो होम लोन बीमा लेने की सलह देते हैं। ज़्यादातर बैंकों और एनबीएफसी ने होम लोन बीमा को अनिवार्य कर दिया है। जबकि लोन बीमा अनिवार्य नहीं है। बीमा लेना है या नहीं यह लोन लेने वाले व्यक्ति पर निर्भर करता है। इसके लिए वो दबाव नहीं बना सकते। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक़ यह बीमा एक अतिरिक्त सुरक्षा की तरह है। यदि ऋण धारक की मृत्यु हो जाती है तो बैंक घर की नीलामी नहीं करेगा। यह परिवार के लिए सुरक्षा का इंतज़ाम होता है। लोन बीमा लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई आकस्मिक आपदा आने पर लोन राशि भुगतान नहीं करना होता। यदि व्यक्ति होम लोन के बराबर टर्म इंश्योरेंस कवर लेता है तो इंश्योरेंस कंपनी बीमाधारक की मृत्यु होने पर बीमे की राशि उसके परिजनों को दे देगी। इस पैसे से मृतक के परिजन ख़ुद होम लोन का भुगतान कर सकते हैं।

होम लोन बीमा और टर्म इंश्योरेन्स में प्रीमियम

इसे ऐसे समझते हैं। होम लोन बीमा की प्रीमियम एक मुश्त होती है जो लोन की राशि के साथ जोड़ दी जाती है। 50 लाख रुपए के कवर के लिए एक मुश्त प्रीमियम 25000 रु. के लगभग चुकाना होता है। वहीं टर्म इंश्योरेन्स का प्रीमियम अनुमानित समयावधि के अनुसार 5000 से 7000 रु. सालाना तक होती है।

होम लोन इंश्योरेंस और होम इंश्योरेंस के बीच का अंतर

कई बार लोग होम लोन इंश्योरेंस और होम इंश्योरेंस के बीच के अंतर को नहीं समझ पाते। होम इंश्योरेंस में घर और उसमें मौजूद सामानों की चोरी, प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, तूफान, बाढ़ आदि से होने वाले नुकसानों को कवर करता है। वहीं होम लोन इंश्योरेंस घर ख़रीदने या बनवाने पर लिए गए कर्ज़ को कवर करता है।

टर्म इंशोरेंस में कुछ विकल्प ऐसे भी हैं जहां अवधि पूर्ण होने पर हमें प्रीमियम राशि की वापसी हो सकती है। और अन्य विकल्प में इंश्योरेंस की बीमा राशि बढ़ती जाती है। यहां किसी प्रकार की आकस्मिक घटना होने पर परिवार के सदस्यों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता (लोन राशि भुगतान करने के बाद) प्राप्त हो सकती है।

खबरें और भी हैं…

Source link

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

%d bloggers like this: