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Shopping is an art, there are some things to know to develop it | ख़रीदारी करना एक कला है, इसे विकसित करने के लिए कुछ बातें जानना ज़रूरी हैं

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कंचन राजवंशी7 दिन पहले

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वीक डेज़ का चुनाव
अधिकतर लोग छुट्‌टी वाले दिन या रविवार को ही ख़रीदारी पर निकलते हैं। यूं ही घूमने और ताज़ा फैशन ट्रेंड्स समझने के लिए ये दिन अच्छा है, लेकिन अगर सामान लेना है तो किसी ऐसे दिन जाएं जब छुट्‌टी न हो। इससे कम समय में सारी ख़रीदारी आसानी से हो जाएगी।

ट्रायल के लिए
कपड़ों के साथ अक्सर ये समस्या आती है कि वो घर लाकर यदि ढीले या चुस्त निकलंे तो उन्हें बदलने जाना भारी पड़ जाता है। इसलिए ऐसी जगह से कपड़े लें, जहां त्रिआयामी आईने वाले ट्रायल रूम्स हों। इससे आप अच्छी तरह से देखकर, ठीक फिटिंग वाली कपड़े ख़रीद सकेंगी। कपड़ों की ख़रीदारी तो ख़ासतौर पर हफ़्ते के शुरूआती दिनों में और वो भी दोपहर में करें। शाम को ट्रायल रुम्स ख़ाली नहीं मिलते।

ड्राय वॉश से बचें
अधिकतर हम सजीले परिधान ख़रीद लेते हैं, जिन्हें ड्रायक्लीन कराना पड़ता है। कभी-कभार पहनने के लिए तो ये उत्तम हैं, लेकिन अगर ऑफिस, कॉलेज जैसे नियमित दिनों के लिए लेना है तो ऐसे कपड़ों का चुनाव करें जिन्हें घर पर ही आसानी से धोया जा सके, क्योंकि हर बार पहनकर ड्राय वॉश कराना संभव नहीं होता।

जूलरी लेने से पहले
जूलरी ख़रीदते समय नए-पुराने डिज़ायन में उलझती हैं, तो इस मुश्किल को दूर करने के लिए बाज़ार जाने से पहले इंटरनेट खंगालकर ट्रेंड्स का पता कर लें। इससे आप समझ सकेंगी कि आपको क्या और कैसा लेना है।

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